हर बच्चे में कोई खुदा है फिर उसे बच्चा ही रहने भी दीजिए। हर बच्चे में कोई खुदा है फिर उसे बच्चा ही रहने भी दीजिए।
मेरे अंतःस्थल में बहती है एक नदी "ताप्ती" मेरे अंतःस्थल में बहती है एक नदी "ताप्ती"
न जीवन की परिभाषा बनी न जीने का सलीका आया। वक्त बीतता गया वक्त ने समझाया ! न जीवन की परिभाषा बनी न जीने का सलीका आया। वक्त बीतता गया वक्त ने समझाया...
कभी गंदा ना बनाएंगे मन गंदा ना बनाएंगे। कभी गंदा ना बनाएंगे मन गंदा ना बनाएंगे।
बच्चों को जैसा मिला बचपन में परिवेश वैसा ही है आजकल यह समाज यह देश। बच्चों को जैसा मिला बचपन में परिवेश वैसा ही है आजकल यह समाज यह देश।
कितना सच्चा, रंग प्रीत का होता। जिसको कोई तोड़ नहीं है पाता। कितना सच्चा, रंग प्रीत का होता। जिसको कोई तोड़ नहीं है पाता।